तो इस वजह से मोदी ,शाह और नड्डा ने योगी को सार्वजनिक तौर पर जन्मदिन की बधाई नहीं दी।

मुख्यमंत्री जी सुनिए

By Brij Duggal

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करने का कोई मौका न छोड़ने वाले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का जन्मदिन आता है तो ऐसा नहीं होता कि मोदी उन्हें जन्मदिन की बधाई न देते हों । इतना ही नहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हों या कोई भी मुख्यमंत्री ,मोदी कभी किसी को भी सोशल मीडिया पर शुभकामना देना नहीं भूलते। ऐसे में जब मोदी की तरफ से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और बीजेपी के हिंदु प्रतीक योगी आदित्यनाथ को सोशल मीडिया पर जन्मदिन की शुभकामना नहीं मिलती तो अनबन के कयास भी लाजिमी हैं और चर्चाओं का बाजार गर्म होना भी स्वाभाविक है। राजनीति में सार्वजनिक तौर पर जन्मदिन की शुभकामना देने और शुभकामना संदेश प्राप्त करने का अपना खास महत्व है और प्रधानमंत्री से भला कौन जन्मदिवस की शुभकामना नहीं चाहेगा । लेकिन आज योगी का जन्मदिन कुछ ऐसी बातों के चलते चर्चा में आ गया जो नहीं होनी चाहिए थीं। मोदी के अलावा 2017 विधानसभा चुनाव में अपनी रणनीति से बीजेपी को यूपी विधानसभा चुनाव जिताने वाले गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जे पी नड्डा भी ने भी सार्वजनिक तौर पर यानि सोशल मीडिया पर योगी आदित्यनाथ को (खबर लिखे जाने तक) सोशल मीडिया पर जन्मदिन की बधाई नहीं दी । अब जाहिर है इसे महज संयोग नहीं माना जा सकता की एक साथ बीजेपी के तीनों बडे़ नेता बीजेपी के फायरब्रांड नेता योगी आदित्यनाथ को सोशल मीडिया पर जन्मदिन की बधाई न दें जबकि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, राजनाथ सिंह और पीयूष गोयल समेत तमाम बड़े नेता योगी आदित्यनाथ को बधाई दे रहे हों। इस बारे में चर्चा हो रही है और खूब हो रही है।

क्या दिल्ली और लखनऊ में अनबन है ?
तो क्या मोदी और योगी या यूं कहें कि दिल्ली और लखनऊ के बीच सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है ? राजनीति असंख्य संभावनाओं का खेल है और होने को यहां कुछ भी हो सकता है लेकिन कई बार जो सामने दिखता है उसका उलटा भी होता है। नवभारत टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि उनसे बातचीत में पार्टी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ,गृहमंत्री और बीजेपी अध्यक्ष ने योगी आदित्यनाथ को फोन कर बधाई दी और वही लोग सवाल उठा रहे हैं जिन्हें बीजेपी सरकार के काम पर सवाल उठाने का कोई मौका नहीं मिलता । दिल्ली और यूपी के बीच किसी तरफ की कोई अनबन नहीं है।

सच क्या है ?

दरअसल विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी किसी भी मनमुटाव को सतह पर आने देगी ये सोचना भी बेवकूफी है। अपनी इमेज को लेकर हमेशा सतर्क रहने वाले मोदी ,शाह या योगी ऐसा कुछ भी नकारात्मक वातावरण बनने देंगे ये बात भी हजम करने लायक नहीं है । बहरहाल योगी को मोदी ने सोशल मीडिया पर जन्मदिन की बधाई क्यों नहीं दी ,इस सवाल के जवाब में जब हमने मोदी का ट्विटर अकाउंट खंगाला तो सामने आया कि बीते कई महीने से (शायद कोरोना महामारी के चलते) मोदी किसी को भी सोशल मीडिया पर जन्मदिन की शुभकामनाएं नहीं दे रहे हैं । यही हाल गृहमंत्री अमित शाह का भी है । उनके ट्विटर हैंडल पर भी किसी भी नेता को जन्मदिन की बधाई नहीं दी गई है । दरअसल कोरोना महामारी में जब देश इतनी बड़ी त्रासदी झेल रहा है ,बड़ी तादाद में लोगों की मौत हुई है । ऐसे में प्रधानमंत्री और गृहमंत्री की तरफ से सोशल मीडिया पर बीते कुछ वक्त से किसी भी नेता को जन्मदिन की शुभकामना नहीं दी गई हैं । जैसे 3 मई को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का जन्मदिन था  और 5 मई को राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का जन्मदिन था लेकिन प्रधानमंत्री या गृहमंत्री ने सार्वजनिक रुप से बधाई नहीं दी। ऐसे और भी बहुत नाम हैं।

तो फिर मोदी,शाह और नड्डा ऐसी खबरों को नकारते क्यों नहीं ?
सीएम रिपोर्ट कार्ड की जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री,गृहमंत्री और बीजेपी अध्यक्ष की तरफ से योगी को फोन करके बधाई दी गई । सरकार की तरफ से आधिकारिक तौर पर भी पत्रकारों को यही बताया गया है । बेहतर होता कि योगी की तरफ से एक ट्वीट कर दिया जाता कि माननीय प्रधानमंत्री जी ने फोन पर जन्मदिन की शुभकामनाएं दी । क्योंकि न तो मोदी ,शाह और नड्डा की तरफ से और न ही योगी की तरफ से ऐसा कुछ सार्वजनिक तौर पर सोशल मीडिया पर कहा गया इसीलिए इन खबरों को पंख लगे हुए हैं ।

क्या यूपी में योगी के खिलाफ कुछ पक रहा है?
ये बात सही है कि 2017 का विधानसभा चुनाव बीजेपी गृहमंत्री अमित शाह की रणनीति के बल पर जीती थी । उस वक्त योगी आदित्यनाथ कहीं से भी चेहरा नहीं थे लेकिन बतौर मुख्यमंत्री अब बीजेपी उनके साथ ही चुनाव में जाएगी ये बात 100 फीसदी तय है। कोरोना की विभीषिका पूरे देश ने झेली है और यूपी भी इससे अछूता नहीं रहा। योगी पर भी कोरोना को न संभाल पाने के आरोप लगे। लेकिन योगी ने भी कोरोना के दौरान ही यूपी में ताबड़तोड़ दौरे कर ये दिखाया कि वो काम कर रहे हैं और धीरे धीरे यूपी में कोरोना काबू में आ ही गया ।

उत्तर प्रदेश में बीते दो सप्ताह से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और बीजेपी के केंद्रीय नेताओं ने यूपी में खूब बैठक कीं । नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें खूब लगीं । उत्तराखंड का उदाहरण दिया गया । विधायकों की नाराजगी की बात कही गई लेकिन संगठन महामंत्री बीएल संतोष कोरोना से निपटने को लेकर योगी की पीठ थपथपा कर गए ।यानि साफ है कि योगी को बदला नहीं जा रहा है । बाकी राजनीति में सबकुछ चलता रहा है ।और ये ध्यान रखना होगा कि योगी आदित्यनाथ ,त्रिवेंद्र सिंह रावत नहीं हैं कि उन्हें हटा दिया जाएगा।

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