कैप्टन अमरिंदर सिंह और सिद्दु की लड़ाई में जीती हुई बाजी हार रही है कांग्रेस ? किसके साथ है 10 जनपथ ?

राजनीति

By Brij Duggal
‘भला कांग्रेस पंजाब में जीती हुई बाजी हारने में क्यों लगी है? अभी के जो हालात हैं उसमें ये ऐसा लग रहा है कि पंजाब में कांग्रेस की वापसी करीब करीब तय है। पांच से पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह राज कर रहे हैं और तमाम एंटी इंकंबेंसी के बावजूद माहौल कांग्रेस के पक्ष में बना हुआ है। लेकिन लगता है कि कांग्रेस को पंजाब में जीत नहीं चाहिए । भला सिद्धु और कैप्टन अमरिंदर में कोई मुकाबला या तुलना करना तो दूर ,ऐसा सोच भी कैसे सकता है? ” एक कांग्रेसी ने एक सांस में पंजाब कांग्रेस में चल रहे संकट को बयां कर दिया ।
बात सही भी है ,क्या सचमुच सिद्दु का राजनीतिक कद ऐसा है कि उन्हें कैप्टन अमरिंदर सिंह का विकल्प माना जाए । ये बात सही है कि सिद्दु का चेहरा टीवी के चलते घर घर में पहचाना जाता है और उनकी लच्छेदार बातें सुनने में बहुत अच्छी लगती हैं लेकिन यदि कैप्टन अमरिंदर को हटाकर उन्हें पंजाब की कमान सौंप दी जाती है तो क्या पंजाब में कांग्रेस की नैया पार लग पाएगी ? क्या तब भी कांग्रेस उतने ही आत्मविश्वास से चुनाव लड़ेगी। नवजोत सिंह सिद्दु दिल्ली में असंतुष्ट विधायकों के साथ कांग्रेस आलाकमान से मिलने पहुंचे तो सवाल तो उठने ही थे । शेरो शायरी , वाक कला में निपुणता अलग बात है और राजनीतिक अलग बात है ।

 

राजनीतिक असंतुष्टों की बात को अगर छोड़ दिया जाए तो पंजाब के आम आदमी से पूछिए ,जो जरा सी भी राजनीतिक समझ रखता है वो बस एक ही बात कहेगा। कांग्रेस की वापसी होनी तय है । ऐसा नहीं है कि बीते पांच साल में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब में कोई जादू कर दिया है या विकास की गंगा बहा दी है लेकिन किस्मत के धनी कैप्टन के पक्ष में राजनीतिक हालात ऐसे हैं कि कांग्रेस का दोबारा सत्ता में आना तय माना जा रहा है ।
दरअसल किसान आंदोलन के चलते अकाली दल से यदि किसानों की नाराजगी की खबरें आ रही हैं तो बीजेपी से तो किसान बुरी तरह नाराज है और वैसे भी पंजाब के ग्रामीण इलाकों में बीजेपी का आधार है भी नहीं । ले देकर आम आदमी पार्टी को पंजाब में उम्मीदों का सूरज नजर आ रहा था ,आप को लग रहा था कि वो झाड़ू लगाकर बाकी दलों का सूपड़ा साफ कर देगी लेकिन राजनीति के माहिर खिलाड़ी अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस में चल रहे विवाद के बीच दिल्ली रवाना होने से पहले आम आदमी पार्टी के तीन विधायकों को कांग्रेस में शामिल कराकर दिखा दिया कि आप के ख्याली पुलाव दिल्ली तक ही सीमित रहें तो बेहतर है। पंजाब में आम आदमी पार्टी की दाल इस बार गलनी मुश्किल है।


बहरहाल इस वक्त जब सारे हालात कांग्रेस के फेवर में हैं तो कांग्रेस में पंजाब को लकर उथल पुथल मची हुई है और विवाद सुलझाने के लिए नवजोत सिंह सिद्दु भी और कैप्टन अमरिंदर सिंह भी दिल्ली में हैं । राजनीति के जानकार मानते हैं कि इस बैठक के लिए दिल्ली आने से पहले ही कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आप के तीन विधायकों को कांग्रेस में शामिल कराकर न सिर्फ सिद्दु बल्कि कांग्रेस आलाकमान को भी साफ संदेश दे दिया है ।
बस अब सबको इंतजार है कि कांग्रेस कहीं ऐसा कुछ न कर बैठे कि जिस डाल के सहारे उसे दोबारा सत्ता की चाबी मिलने वाली है , इस विवाद के चलते कहीं वो डाल ही न कट जाए ।

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